Azam
Azam
Azam

जीवन में सीखो और सिखाते रहो

 

गमगीन न हो, ऐ इंसान,

गम तुम्हें जीने नहीं देगी।

बोलने वालों का बोल बाला है,

खामोशियाँ तुम्हें जीने नहीं देगी।

 

इतनी गंदगी फैलाओगे तुम,

यह गंदगी तुम्हें जीने नहीं देगी।

खुद मिलो और दिल मिलाते रहो,

ये दूरियाँ तुम्हें जीने नहीं देगी।

 

सच्चों की तरह सच्चाई को फैलाते रहो,

बापू ने कहा यह झूठ तुमें जीने नहीं देगी।

 

कुछ सीखो, और  कुछ सिखाते रहो,

यह बेकारी तुम्हें जीने नहीं देगी।

रिश्तों का ही नाम जीवन है,

तन्हाई तुम्हें जीने नहीं देगी।

 

रोशनी की तरह फैलो और रोशनी फैलाते रहो,

“आज़म” रात काली तुम्हें कभी जीने नहीं देगी।

Scroll to Top

Join Us

Let's shine together...